भारत में बकरी पालन (Goat Farming) एक अत्यंत लाभदायक और तेज़ी से बढ़ता हुआ कृषि-व्यवसाय है। यह कम पूंजी और सीमित स्थान में भी शुरू किया जा सकता है, जिसके कारण यह ग्रामीण क्षेत्रों में आय का एक मजबूत और विश्वसनीय स्रोत बन गया है। केंद्र और राज्य सरकारें, इस क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए, विभिन्न योजनाओं के तहत बकरी पालन लोन (Goat Farming Loan) प्रदान कर रही हैं। वर्ष 2026 की योजनाओं का उद्देश्य किसानों और उद्यमियों को आसानी से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है ताकि वे अपनी बकरी पालन इकाइयों को स्थापित या उनका विस्तार कर सकें।
बकरी पालन के लिए प्रमुख सरकारी और बैंक योजनाएँ
बकरी पालन व्यवसाय के लिए वित्तीय सहायता मुख्य रूप से निम्नलिखित सरकारी कार्यक्रमों और बैंकों की विशेष योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध है:
- राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission – NLM): यह केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है जो पशुधन क्षेत्र के विकास पर केंद्रित है। NLM के तहत, बकरी पालन इकाई की स्थापना के लिए उद्यमियों को परियोजना लागत पर 50% तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह योजना बड़ी बकरी पालन इकाइयों (300-500 बकरियों) और ब्रीडिंग फार्म्स के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है और 2025-26 के लिए भी प्रभावी है।
- नाबार्ड (NABARD) पुनर्वित्त योजनाएँ: नाबार्ड सीधे किसानों को लोन नहीं देता, लेकिन यह वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और सहकारी बैंकों को पुनर्वित्त (Refinance) प्रदान करता है। ये बैंक नाबार्ड की सहायता से बकरी पालन परियोजनाओं के लिए कम ब्याज दरों पर लोन देते हैं। नाबार्ड की योजनाएँ बकरी शेड निर्माण, उन्नत नस्ल के पशुओं की खरीद और चारे की मशीनरी के लिए पूंजी प्रदान करती हैं।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना: अब किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए भी उपलब्ध है। किसान KCC की सीमा के भीतर ₹3 लाख तक का लोन बकरी पालन के लिए भी ले सकते हैं, जिस पर ब्याज दरें काफी कम होती हैं और ₹1.6 लाख तक के लिए गारंटी की आवश्यकता नहीं होती।
- राज्य स्तरीय योजनाएँ: कई राज्य अपने बजट और लक्ष्यों के अनुसार बकरी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त सब्सिडी या ब्याज छूट योजनाएँ भी चलाते हैं।
लोन की राशि, ब्याज और सब्सिडी लाभ
बकरी पालन व्यवसाय की सफलता सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन अत्यंत महत्वपूर्ण है:
- लोन राशि: यह पूरी तरह से आपकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और बकरी इकाई के आकार पर निर्भर करती है। छोटी इकाइयों (10 से 20 बकरियाँ) के लिए ₹1 लाख से ₹2 लाख तक, जबकि बड़ी व्यावसायिक इकाइयों के लिए यह ₹10 लाख से ₹25 लाख तक हो सकती है।
- सब्सिडी (Grant): NLM जैसी योजनाओं के तहत, पात्र लाभार्थियों को उनकी प्रोजेक्ट कॉस्ट पर 50% तक की पूंजीगत सब्सिडी सीधे बैंक खाते में दी जाती है, जिससे लोन की वास्तविक लागत कम हो जाती है।
- ब्याज दर: ब्याज दरें आम तौर पर 7% से शुरू होती हैं, लेकिन यदि आप KCC के तहत लोन लेते हैं और समय पर भुगतान करते हैं, तो आपको 3% तक की अतिरिक्त ब्याज सबवेंशन मिल सकती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर 4% तक हो सकती है।
- पुनर्भुगतान अवधि: व्यवसाय को स्थापित करने और मुनाफ़ा कमाना शुरू करने के लिए 5 से 7 वर्ष तक की सुविधाजनक पुनर्भुगतान अवधि दी जाती है।
पात्रता मानदंड और ज़रूरी दस्तावेज़
बकरी पालन लोन के लिए आवेदन करने के लिए निम्नलिखित मुख्य पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आवेदक: व्यक्तिगत किसान, स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO), या कोई उद्यमी समूह आवेदन कर सकता है।
- आयु सीमा: आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- व्यवसाय योजना: बकरी पालन व्यवसाय की एक विस्तृत और व्यवहार्य परियोजना रिपोर्ट (Project Report) होनी चाहिए, जिसमें बकरियों की नस्ल, संख्या, शेड निर्माण की लागत और मार्केटिंग रणनीति शामिल हो।
- भूमि: आवेदक के पास अपनी या लंबी अवधि के लिए पट्टे (Lease) पर ली गई भूमि होनी चाहिए।
- CIBIL स्कोर: बैंक अच्छे क्रेडिट हिस्ट्री और स्कोर (750+) वाले आवेदकों को प्राथमिकता देते हैं।
- दस्तावेज़: पहचान प्रमाण (आधार/पैन), निवास प्रमाण, बैंक पासबुक, भूमि के दस्तावेज़, और बकरी पालन का अनुभव प्रमाण पत्र (यदि हो)।
बकरी पालन लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया
बकरी पालन लोन के लिए आवेदन करने का सबसे प्रभावी तरीका सरकारी और बैंक प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन करना है:
- व्यवसाय योजना तैयार करें: सबसे पहले अपनी बकरियों की संख्या, नस्ल और शेड की लागत को शामिल करते हुए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Project Report) तैयार करें। यह रिपोर्ट बैंक को फंडिंग की आवश्यकता समझाने में मदद करती है।
- सही योजना चुनें: अपनी इकाई के आकार (छोटा या बड़ा) के आधार पर NLM या KCC जैसी उपयुक्त सरकारी योजना का चयन करें।
- बैंक से संपर्क: अपने नज़दीकी वाणिज्यिक बैंक (जैसे SBI, PNB) या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखा से संपर्क करें। लोन अधिकारी को अपनी परियोजना रिपोर्ट दिखाएँ।
- आवेदन पत्र जमा करें: बैंक द्वारा प्रदान किए गए बकरी पालन लोन आवेदन फॉर्म को भरें और सभी आवश्यक दस्तावेज़ (पहचान पत्र, भूमि दस्तावेज़, प्रोजेक्ट रिपोर्ट) संलग्न करें।
- बैंक मूल्यांकन (Field Inspection): बैंक आपके आवेदन का मूल्यांकन करेगा और आपके बकरी फार्म के स्थान और शेड निर्माण की व्यवहार्यता की जाँच के लिए फील्ड विजिट कर सकता है।
- लोन स्वीकृति: मूल्यांकन और अनुमोदन के बाद, बैंक लोन की राशि स्वीकृत करेगा। सब्सिडी वाली योजनाओं में, लोन का वितरण दो या तीन किस्तों में किया जाता है, और सब्सिडी की राशि व्यवसाय शुरू होने के बाद सीधे आपके खाते में जमा की जाती है।
सरकारी सहायता से बकरी पालन व्यवसाय शुरू करना ग्रामीण विकास और व्यक्तिगत समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सही योजना और तैयारी के साथ, कोई भी उद्यमी इस अवसर का लाभ उठा सकता है।